मुक्केबाज़ी
मुक्केबाज़ी की पेरोल किताब: ओलंपिक रिंग में भारत की 'दूसरी लाइन' कहाँ गायब हुईहुक नवंबर 2026 की एक सुबह, पटियाला के एक कैंप ऑफ़िस में मैंने एक वेट-इन शीट...
किलोग्राम, कोटा और ख़ाली हाथ: पेरिस 2026 की छह बाउट शीट असल में क्या कहती हैंअगस्त 2026। कोलकाता की डेस्क पर लैपटॉप खुला था और उस पर पेरिस ओलंपिक की...
भार वर्ग बदलते हैं, फाइल नहीं — भारतीय मुक्केबाज़ी की असली अड़चन स्कोरकार्ड में नहीं, कैलेंडर में हैइस सीज़न की पहली नज़र मुझे स्कोरकार्ड पर नहीं, वज़न-पर्ची पर पड़ी। दिल्ली के...
मुक्केबाज़ी का दूसरा अनुबंध: 248 खिलाड़ी, 13 भार वर्ग और वह हिसाब जो प्रेस रिलीज़ में नहीं थापेरिस 2026 की मुक्केबाज़ी में 248 मुक्केबाज़ रिंग में उतरे। टोक्यो 2026 में य...
छह कोटा, शून्य तमगा और एक ऐसा वज़न वर्ग जो ओलंपिक में है ही नहीं26 फरवरी 2026 की शाम लुसाने में IOC के सत्र ने World Boxing को मान्यता दे दी।...
नौकरी की सूची से तय होगा अगला रिंग: भारतीय मुक्केबाज़ी का 2028 चक्रराष्ट्रीय चयन ट्रायल की एंट्री लिस्ट तीन पन्नों की थी — तिरसठ नाम, ग्यारह वर्...
मुक्केबाज़ी का असली सीज़न रिंग में नहीं, वेतन-पत्रक में तय होता हैभिवानी के उस हॉल में सुबह पाँच बजे एक ही ट्यूबलाइट जलती थी। दीवार पर रेलवे...
नौ कोटे और एक खाली हॉल: पेरिस के शून्य पदक के बाद भारतीय बॉक्सिंग की असली बैलेंस शीटदिसंबर 2026, राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैम्पियनशिप की आखिरी शाम। हॉल के अंदर घंटी की...
